जानिए स्मूदनिंग, रिबॉन्डिंग और स्ट्रेटनिंग के बीच का फर्क - Difference Between Rebonding, Straightening And Smoothening

बालों की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए आज कल हमारे पास कई सारे ऑप्शन मौजूद हैं। जैसे कि कैरेटिन, स्ट्रेटनिंग और स्मूदनिंग। लेकिन अभी भी महिलाएं इन तीनों चीजों को लेकर कंफ्यूज रहती हैं। ऐसे में हम आपकी मदद करने वाले हैं। क्योंकि हम आपको समझा रहे हैं इन तीनों के बीच का फर्क और मतलब। इसके बाद आपको कंफ्यूजन नहीं रहेगी और आप समझ सकेंगी कि आपको अपने बालों के लिए कौन सा ऑप्शन चुनना चाहिए।



हेयर स्मूदनिंग


सबसे पहले बात करेंगे हेयर स्मूदनिंग की। ये आपके डैमेज बालों को रिपेयर करने का काम करता है और बालों को पोषण देता है। ये स्ट्रेट और वेवी बाल वाली लड़कियों के लिए बेस्ट ऑप्शन है। इसका इफेक्ट 2 से 4 महीनों तक आपके बालों में नजर आता है। इससे आपके बाल पूरी तरह से स्ट्रेट हो जाते हैं। बता दें कि इसके लिए बालों में formaldehyde सॉल्यूशन लगाया जाता है और फिर इसके सूखने के बाद फ्लैट ऑयरन से बालों को स्ट्रेट पॉजिशन में सॉक किया जता है। ऐसा कहा जाता है कि स्मूदनिंग के लिए जो केमिकल बालों में इस्तेमाल किया जाता है वो बाकि हेयर ट्रीटमेंट के मुकाबले बालों को कम नुकसान पहुंचाता है। 


घर पर हेयर स्मूदनिंग भी आप कर सकती हैं। आप इसके लिए चायपत्ती, दूध आदि का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए आपको हर हफ्ते इन चीजों से बना हेयर पैक अपने बालों में लगाना होगा। इससे धीरे-धीरे आपके बाल स्ट्रेट होने लगेंगे।


रिबॉन्डिंग


फ्रिजी बालों से परेशान हैं और हर तरह का ऑप्शन ट्राई करके देख लिया लेकिन फिर भी ये सही नहीं हो रहे। तो आपके लिए रिबॉन्डिंग का ऑप्शन सबसे बेस्ट रहेगा। ये आपके बालों से फ्रिजिनैस को गायब कर देगा। ये भी एक तरह से आपके बालों को स्ट्रेट करने का काम करता है। इसको करने के लिए बालों में हेयर क्रीम लगाई जाती है और उसके सूखने के बाद बालों को सीधा करने का प्रोसेस किया जाता है। इसके बाद आपके बालों को धुल दिया जाता है और ब्लो ड्राई किया जाता है। इसका असर बालों में कम से कम 5 से 6 महिनों तक रहता है ।ये आपके बालों को और भी खूबसूरत बनाने का काम करता है। बाल सूखने के बाद आप अपने बालों में सीरम लगाना बिलकुल भी न भूलें। 


स्ट्रेटनिंग


बालों को पूरी तरह से स्ट्रेट करने के लिए स्ट्रेटनिंग की जाती है। स्ट्रेटनिंग और रिबॉन्डिंग में कोई खास फर्क नहीं होता है। लेकिन रिबॉन्डिंग को फ्रिजी हेयर की समस्या के लिए इस्तेमाल किया जाता है। वहीं स्ट्रेटनिंग में किसी भी तरह के बालों को पूरी तरह से स्ट्रेट करने का काम किया जाता है। इसका असर भी बालों में 6 से 7 महीने तक रहता है। इसके लिए भी केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। जिससे लंबे समय तक आपके बाल स्ट्रेट रहते हैं। हालांकि इसे कराने के बाद आपको ऐसे ही हेयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना होता है जो आपके बालों को स्ट्रेट रखने में मदद करते हैं। स्ट्रेटनिंग कराने के बाद आप अपने बालों में सीरम और कंडीशनर लगाना बिलकुल भी न भूलें। 





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